चुनाव में धर्म का इस्तेमाल: चुनाव आयोग की राजनीतिक दलों को घुड़की का कितना होगा असर?

चुनावो में धर्म के इस्तेमाल पर केन्द्रीय चुनाव आयोग बेहद सख्त हो गया है। पिछले दिनों भाजपा संसद साक्षी महाराज के दिए एक बयान को प्रथम दृष्टया आचार सहिंता का उल्लंघन मानते हुए आयोग ने उन्हें तो नोटिस जरी किया ही है, लगे हाथ सभी राजनीतीक दलों को चेतावनी भी दी है। चुनाव आयोग ने 10 जनवरी को सभी मान्यता प्राप्त राजनीतीक दलों के अध्यक्ष, सचिव और महासचिवो को पत्र लिखकर कहा है कि ये राजनीती दल और इसके नेता चुनाव के दौरान धर्म के नाम पर समाज के विभिन्न वर्गों के बीच दुश्मनी बढ़ाने वालेे बयान न दें। इससे शांति और सदभावना तो भंग होती ही है, स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव आयोजित करने की कोशिशो को भी धक्का पहुचता है। अब देखना यह है कि आगामी विधानसभा के चुनाव में क्या राजनीतिक दल चुनाव आयोग की बातों को तवज्जो देते हैं या स्थिति ढाक के तीन पात जैसी होती है।

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