सूर्य शुक्र की युति समझे तो मालामाल ना समझे तो कंगाल – 

पं शशि मिश्रा (ज्योतिषी) 

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य शुक्र की युति को लेकर काफ़ी कुछ भ्रंतियाँ है और अलग अलग ज्योतिषियों का अलग अलग विचार है। सूर्य ऊर्जा ,सम्मान का प्रतीक तो वही शुक्र भोग ,विलासिता, भौतिक सुखों का मालिक । अगर सूर्य शुक्र की युति होती है तो दोनों एक दूसरे के विरोध में आ जाते है। 

शादी में विलंब

सूर्य शुक्र की युति से विवाह में विलंब होता है क्योंकि शुक्र सृजन करता है और सूर्य के ताप से वह कमजोर हो जाता है । जिनके कुंडली में यह योग है तो उसे समझले और उसके उपाय से सबकुछ ठीक हो जाएगा।

चारित्रिक दोष

जब शुक्र सूर्य की युति होती है तो यह योग चरित्र को गिरता है । 25 वर्ष से पहले शादी करता है तो उसका चरित्र और गिर जाता है क्योंकि राहु भी इस योग के कारण खराब हो जाता है । ऐसे योग वाले दिन में संभोग न करे और शादी के बाद गुड़ का सेवन न करें। जो जातक अपने चरित्र को बचा लेगा उसे यह योग सबकुछ देगा । 

स्वास्थ्य 

इस योग वाले जातक को शारिरिक कमजोरी, शुक्राणुओं की कमी, पाचन तंत्र की कमी और यूरिनरी प्रोब्लम किडनी समस्या ,शुगर की समस्या आ सकती हैं। ऐसे जातक को अपने ससुराल से अच्छे रिश्ते रखने चाहिए। सूर्य शुक्र को संतुलित करने से ठीक हो जाता है । 

धन की समस्या

जब सूर्य शुक्र की युति होती है तो यश और धन की कमी कर देता है। हालांकि जातक सेल्फमेड हो जाता है। ऐसे जातक को दुर्गा जी की आराधना करनी चाहिए।क्योंकि इससे शुक्र ,बुध ,राहु ,बृहस्पति ठीक हो जाते हैं। अब सवाल है कि क्या इस योग वाले कंगाल ही रहते हैं? ऐसा नही है। यदि ऐसे लोग रोज श्री दुर्गा जी की आराधना करें तो इस जातक के लोगों को धन यश सबकुछ मिलता है। इस युति से शुभ फल प्राप्त करने के लिए अपने चरित्र को ठीक रखना होगा । 

पं शशि मिश्रा(ज्योतिषी)

(पं शशि मिश्रा(ज्योतिषी)8777597491 पर सम्पर्क करें।)

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