यादे

बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार व गायक आदेश श्रीवास्‍तव ने कैंसर से जूझते हुए पिछले साल दुनिया को अलविदा कह दिया। इस जिंदादिल शख्‍स से वरिष्‍ठ पत्रकार मुनमुन प्रसाद श्रीवास्‍तव ने विश्‍व का सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला अखबार “दैनिक जागरण” के मेरा शहर मेरा गीत अभियान के लाइव कार्यक्रम में खास इंटरव्‍यू लिया था। नए वर्ष में पढ़िए वह खास इंटरव्‍यू एक बार फि‍र-
‘कुछ बात तो है मेरी दिल्‍ली में…’ दिल्‍ली की ऐतिहासिक विरासत,सभ्‍यता संस्‍कृ‍ति और लाइफ स्‍टाइल को समेटे इस गीत को गाया और संगीत दिया है बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार और गायक आदेश श्रीवास्‍तव ने। इस गीत के लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान तीन वर्ष पूर्व डीएलएफ प्‍लेस मॉल पहुंचे आदेश ने दर्शकों के सामने दिलवालों की दिल्‍ली के इस खास गीत को पूरे जोश के साथ गाया। यही नहीं ‘मेरा शहर मेरा गीत’ अभियान के जरिए दिल्‍ली सहित चुनिंदा शहरों में प्रतिभाशाली गीतकारों को दुनिया के सामने लाने के एक बड़े अखबार समूह के उल्‍लेखनीय प्रयास की जमकर सराहना भी की।

‘मेरा शहर मेरा गीत’ अभियान के प्रमुख सूत्रधार रहे संगीतकार और गायक आदेश श्रीवास्‍तव से इस अभियान के खास पहलुओं पर बातचीत हुई थी। क्‍या कहा था आदेश ने उस कभी न भूलने वाले

‘मेरा शहर मेरा गीत’अभियान से जुड़कर कैसा लगा?

बेमिसाल अभियान
हमारे देश के राष्‍ट्रीय गाण के सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्‍य में पिछले साल ‘मेरा शहर मेरा गीत’ के नाम से देश के प्रमुख शहरों में छुपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाने के साथ-साथ लोगों में अपने शहर के प्रति ‘फीलिंग्‍स’ को शब्‍दों में तराशने के लिए प्रतियोगिता की शुरुआत की गई।लोगों ने उत्‍साह के साथ अपने शहर की ऐतिहासिक विरासत और उसके लाइफ स्‍टाइल को केंद्र में रखकर अद्भुत गीत रचे। इससे यह भी पता चला कि लोग अपने शहर से कितना प्‍यार करते हैं। यह मेरा सौभाग्‍य है कि मैंने इसे संगीत दिया और आवाज भी।

गीतों के चयन में कुछ कठिनाइयां भी आई होंगी ?
कुछ गीतों के बोल बेहतरीन रहे,तो वहीं कुछ में उनको गीतों के सांचे में ढालने में थोड़ी मेहनत करनी पड़ी। ऐसा इसलिए क्‍योंकि कविता और गीत के बीच फर्क होता है। बावजूद इसके सभी गीत अपने शहर की संस्‍कृति को खुद में समेटे थे। इस अहसास को स्‍वर और लय में प्रस्‍तुत करना बड़ी चुनौती थी। रिकॉर्डिंग से पहले हमने गीतों को अनेकोंबार गुनगुनाया और पूरी तरह संतुष्‍ट होने के बाद ही उनकी फाइनल रिकॉर्डिंग की।

दिल्‍ली के गीत के शुरुआत का म्‍यूजिक तिरंगा लहराने का अहसास दिलाता है। इसका आइडिया कैसे आया ?
गीतकार सुमित प्रताप सिंह रचित गीत के बोल दिल्‍ली को खुद ब खुद बयां करते हैं। राजधानी दिल्‍ली ऐतिहासिक नगरी है। यहां हर धर्म,भाषा,राज्‍य,सभ्‍यता और संस्‍कृति के लोग तिरंगे के तीन रंगों की तरह आपस में प्रेम और सौहार्द के रंग में रंगे नजर आते हैं।गीत के बोल शुरु होने से पहले बैकग्राउंड म्‍यूजिक में हमने श्रोताओं को देशप्रेम के रंग में रंगने का प्रयास किया है।

वे कौन-कौन से शहर हैं,जिनका गीत इस अभियान के अंतर्गत तैयार किया गया है ?
आगरा,अलीगढ,इलाहाबाद,दिल्‍ली,देहरादून,गोरखपुर,
हल्‍द्वानी,जमशेदपुर,कानपुर,लखनऊ,मेरठ,मुरादाबाद,
पटना,रांची और वाराणसी। इन शहरों के गीत अलग अलग ऑडियो सीडी में तैयार किए गए हैं। आप सभी गीतों को mycitymyanthem.com पर जाकर सुन सकते हैं,डाउन लोड कर सकते हैं। यही नहीं इनमें से जिसे चाहें अपने मोबाइल की कॉलर टयून या रिंग टोन भी बना सकते हैं।

किस शहर का गीत सबसे खास लगा आपको ?
हर शहर का गीत अपने आप में बेमिसाल है।किसी एक की तारीफ करना दूसरे के साथ अन्‍याय होगा।

मेरा शहर मेरा गीत अभियान के विजेता गीतकारों के लिएबॉलीवुड में स्‍कोप है ?
इस अभियान के लिए गीत रचने और फिल्‍मों के लिए गीत लिखने में बहुत अंतर है। हालांकि,गीतों के बोलसे ऐसा लगता है कि इन छिपी प्रतिभाओं में आगे बढ़ने का पूरा दमखम है। यदि वे मेहनत करेंगे तोबॉलीवुड में भी बतौर गीतकार अपनी पहचान बना सकते हैं। इन उभरते गीतकारों को इस अभियान के माध्‍यम से जो मंच उपलब्‍ध करवाया गया है, वह उनके लिए लॉन्चिंग पैड बन सकता है।
सुना है आप एक एल्‍बम के माध्‍यम से दुनिया को शांति का संदेश देने वाले हैं ?
सही सुना है। ‘साउंड ऑफ पीस’ के नाम से एक एल्‍बम ला रहा हूं। दरअसल,मुंबई बम धमाकों में मेरे भी तीन दोस्‍त शहीद हुए थे। जिसकी पीड़ा आज भी मेरे दिल में है। यह एल्‍बम दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने और विश्‍व शांति संदेश देगा। इसमें अमित जी ने भी गाया है। उस्‍ताद राशिद खान, बार्कलेज जॉन, मेरी पत्‍नी विजेता पंडित,पद्मिनी कोल्‍हापुरे आदि की आवाज आपको सुनाई देगी।

दिल्‍ली में क्‍या खास लगता है आपको ?
दिल्‍ली वास्‍तव में दिलवालों की नगरी है। यहां का हर मौसम निराला है। अब तो पहले से भी ज्‍यादा चौड़ी-चौड़ी सड़के हैं। एक से बढकर एक मॉल हैं। हरियाली अब पहले से ज्‍यादा है। सचमुच साड्डी दिल्‍ली अब पहले से कहीं ज्‍यादा खूबसूरत लगती है और यहां बार-बार आने को दिल करता है।

22 thoughts on “यादे

  • March 10, 2016 at 8:34 am
    Permalink

    After I initially commented I have clicked the -Notify me when new comments are added-
    checkbox and from now on each time a comment is added
    I become 4 emails with the same comment. Will there be a
    way you are able to remove me from that service? Thanks a lot!

  • March 11, 2016 at 9:15 am
    Permalink

    Great blog! Can be your theme tailor made or did you
    download it from somewhere? A design like yours with some simple adjustements would really
    make my blog shine. Please tell me that you got your theme.
    Appreciate it

  • March 15, 2016 at 8:21 am
    Permalink

    Neat blog! Is your theme personalized or would you download it from somewhere?
    A theme like yours with a few simple tweeks would actually make my blog shine.
    Please tell me where you got your theme. Bless you

  • March 21, 2016 at 8:09 pm
    Permalink

    Fantastic blog! Do you possess any suggestions for aspiring writers?
    I’m planning to begin my very own blog soon but I’m a little bit lost on everything.
    Can you propose starting with a no cost platform like WordPress or
    choose a paid option? There are many choices around that I’m
    totally confused .. Any suggestions? Many thanks!

  • March 22, 2016 at 7:10 pm
    Permalink

    This design is steller! You definitely learn how to have a reader amused.
    Involving the wit along with your videos, I used to be almost moved to start
    my own blog (well, almost…HaHa!) Wonderful job.

    I truly enjoyed whatever you needed to say,
    and over that, how you will presented it. Too cool!

  • March 24, 2016 at 6:16 pm
    Permalink

    Do you have a spam issue on this site; I also am a blogger, and I
    was curious about your situation; we have created some nice procedures and we are looking to trade solutions with other folks, be sure to shoot me an email if interested.

  • March 26, 2016 at 6:49 pm
    Permalink

    Highly energetic blog, I liked that bit.
    Will there be a part 2?

  • March 29, 2016 at 8:46 pm
    Permalink

    Tremendous things here. I’m very satisfied to see your article.
    Thank you so much and I am taking a look forward to touch you.
    Will you kindly drop me a mail?

  • April 1, 2016 at 9:01 am
    Permalink

    If some one wants expert view regarding blogging and site-building after that
    i advise him/her to pay a visit this webpage, Keep up the good work.

  • April 4, 2016 at 10:45 pm
    Permalink

    Hey There. I discovered your blog using msn. This is a really
    neatly written article. I will make sure to bookmark it and return to read more of your useful information. Thank you for
    the post. I will definitely comeback.

  • April 8, 2016 at 11:11 pm
    Permalink

    Thanks to my dad who told me about this website,
    this webpage is in fact amazing.

  • April 13, 2016 at 9:41 pm
    Permalink

    I love it when folks gather and share thoughts. Great site, keep it up!

  • April 19, 2016 at 8:37 pm
    Permalink

    Thank you a bunch for sharing this with all of us you actually realize what you are speaking approximately!
    Bookmarked. Please additionally discuss with my site =). We can have a link trade arrangement between us

  • April 22, 2016 at 7:16 am
    Permalink

    Wonderful, what a web site it is! This web site gives helpful information to us, keep it up.

  • April 25, 2016 at 11:37 am
    Permalink

    Awesome things here. I’m very glad to peer your post. Thank
    you a lot and I’m taking a look forward to contact you.
    Will you kindly drop me a e-mail?

  • April 26, 2016 at 5:20 am
    Permalink

    Hello, Neat post. There’s an issue together with your website in internet explorer,
    might check this? IE still will be the marketplace leader
    and a large part of other people will miss your magnificent writing as a consequence of this issue.

  • April 27, 2016 at 5:21 am
    Permalink

    Hello, i think which i saw you visited my weblog thus i came to return the favor.I’m seeking to find points to improve my internet site!I suppose its ok
    to make use of a few of your ideas!!

  • April 30, 2016 at 2:29 pm
    Permalink

    Hmm it seems like your website ate my first comment (it was super long) so
    I guess I’ll just sum it up what I submitted and say,
    I’m thoroughly enjoying your blog. I as well am an aspiring blog blogger but I’m
    still new to everything. Do you have any helpful hints for beginner blog writers?
    I’d genuinely appreciate it.

  • Pingback: Google

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published.