मंगल से अमंगल क्यों ?

पं शशि मिश्रा(ज्योतिषी)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह मनुष्य के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता हैं। वैसे तो सभी ग्रहों का मानव के सांसारिक, भौतिक, आध्यात्मिक, जीवन में अलग अलग तरीके से प्रभाव पड़ता है।लेकिन मंगल एक ऐसा ग्रह है जो जीवन में सकारात्मकता के साथ साथ स्थिरता भी प्रदान करता है। जिस जातक का मंगल अच्छा होता है उसे भूमि, नौकरी या बिजनेस में स्थायित्व देता है।वह इंसान बहुत ही प्रेक्टिकल होता है। अध्यात्म और योग के हिसाब से मंगल मूलाधार चक्र से जुड़ा होता है जो मानव जीवन के हड्डियों, रक्त, और वैवाहिक जीवन को संचालित करता है। यदि कोई बच्चा पढ़ नहीं रहा है तो निश्चित ही उसका मंगल ग्रह उसके अनुकूल नहीं है।अक्सर देखा गया है कि जिसका मंगल ग्रह बहुत ही कुपित हैं तो उसे कैंसर होने की संभावना अधिक रहती हैं। अश्लीलता से मंगल ग्रह नाराज़ होता है और कैंसर जैसी भयावह बीमारी देता है। आजकल बॉलीवुड में अश्लील फिल्में ज्यादा बन रही है और अक्सर बॉलीवुड कलाकारों को कैंसर रोग से ग्रसित होना पड़ रहा है।अब सवाल है कि मंगल से बचें कैसे ? शास्त्रों की माने तो मंगल का रंग लाल होता है और यह मूलाधार चक्र में स्थापित होता है। इसीलिए पहले ज़माने में लोग लाल रंग का लंगोट पहनते थे जिससे उनका मंगल ग्रह शुभ फल देता था। जो मनुष्य पृथ्वी का सम्मान करता है ,अपनी माँ का सम्मान करता है, और किसी भी स्त्री का अपमान नहीं करता है, उसका मंगल हमेशा शुभता प्रदान करता है। यदि मंगल ग्रह की शुभता को पाना है तो अपने चारित्र को सही रखना होगा।

पं शशि मिश्रा(ज्योतिषी)

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