Wednesday, February 21, 2024
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तांबे के बर्तन में पानी पीने के होते हैं यह फायदे

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अपनी सेहत की चिंता किसे नहीं होती? हर कोई ये चाहता है कि उसकी सेहत हमेशा ही ठीक रहे, जिसके लिए वो कई सारे तरीके भी अपनाते हैं. उन्हीं तरीकों में से एक है तांबे के बर्तन में पानी पीना. इसके बारे में तो आप भी जानते होंगे कि तांबे के बर्तन में पानी पीने से हमारी सेहत अच्छी रहती है.अगर सुबह उठते ही तांबे के बर्तन से पानी पिया जाए तो इससे शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं. आइए आज आपको तांबे के बर्तन में रखे पानी के कुछ गुणों और इस पानी को पीने से होने वाले कुछ जबरदस्त फायदों के बारे में बताते हैं कि आखिर ये आपके शरीर को फायदा किस तरह पहुंचाता है?

बैक्टीरिया को करता है खत्म

ऐसा माना जाता है कि तांबे के बर्तन में रखा पानी पूरी तरह से शुद्ध होता है. इसे पीने से डायरिया, पीलिया, डिसेंट्री जैसी बीमारियों को बढ़ावा देने वाले बैक्टीरिया पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं और आपको इससे छुटकारा मिलता है. हालांकि, एक बात ध्यान रखी जाने वाली है कि तांबे के बर्तन में पानी कम से कम 8 घंटे तक रखा हुआ होना चाहिए.

पेट से जुड़े रोगों में है फायदेमंद

आपके पेट की सभी तरह की समस्याओं को दूर करने में तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना बेहद फायदेमंद होता है. इस पानी को पीने से गैस, एसिडिटी जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है. ऐसा कहा जाता है कि तांबे के बर्तन में रखे पानी के सेवन से आपका वजन भी घटता है.

किडनी और लिवर की करता है

सफाई तांबे में रखे बर्तन में पानी पीने से आपके शरीर की आंतरिक सफाई होने के साथ ही लिवर और किडनी को भी सेहतमंद बनाए रखता है. इसके अलावा ये आपके शरीर में होने वाले किसी भी तरह के इनफेक्शन को दूर करने में मददगार होता है.

जोड़ों के दर्द में देता है

आराम ऐसा माना जाता है कि तांबे के बर्तन में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो जोड़ों के दर्द में आराम पहुंचाते हैं और आर्थराइटिस रोग में इस बर्तन में रखा पानी पीना फायदा पहुंचाता है.

रक्त संबंधी विकार करता है दूर

तांबा रक्त शुद्धि का काम करता है. इसकी वजह से आपकी त्वचा संबंधी समस्याएं भी ठीक होने लगती हैं. साथ ही कोलेस्ट्रॉल को घटाने में भी तांबे का पानी पीना अच्छा माना गया है.

खटाई को तांबे के बर्तन में नहीं मिलाना चाहिए

तांबे के बर्तन में खट्टी चीजों जैसे कि दही, सिरका, अचार और नींबू को नहीं रखना चाहिए. तांबा खट्टी चीजों के मिलने से रिएक्ट करता है. इसकी वजह से आपको फूड प्वॉइजनिंग हो सकती है.

बीमारियां दूर रहती हैं

तांबा पानी के साथ रासयनिक प्रतिक्रिया करता है। इस दौरान इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लामेंटरी और कैंसररोधी प्रॉपर्टीज उत्पन्न होते हैं। इन्हीं गुणों के कारण तांबे के बर्तन में रखा पानी कई तरह की बीमारियों को दूर रखता है।

घाव भरने के लिए

एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लामेंटरी गुणों से भरपूर तांबे के बर्तन में रखा पानी शरीर के आंतरिक और बाहरी घावों को जल्दी भरता है। इस बर्तन में रखे पानी के सेवन से थाइरॉयड ग्रंथि के स्राव संतुलित रहता है। यह पानी अर्थराइटिस दर्द में भी बेहद लाभकारी है।

उपयोग के दौरान सावधानियां

तांबे के बर्तन के इस्तेमाल के दौरान अक्सर लोग एक गलती करते हैं। इस बर्तन से होने वाले लाभ को देखते हुए कई घरों में इसका उपयोग होता है, लेकिन एक बात को हमेशा याद रखें कि इस बरतन को कभी भी जमीन पर न रखें वरना आपको इसका कोई भी लाभ नहीं मिलेगा।

सफाई पर ध्यान

तांबे से बने बर्तनों की सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस बर्तन के अंदर वाले हिस्सों में कॉपर ऑक्साइड की परत (हरे रंग की) जमने लगती है, इसलिए अंदरूनी तले को अच्छे से साफ करें। तांबे के बर्तन में पानी रखने पर जो रासायनिक क्रिया होती है उसी वजह से कॉपर ऑक्साइड की परत जम जाती है।

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