Saturday, May 25, 2024
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चौथा शारदीय नवरात्रि की पूजा विधि

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चौथा शारदीय नवरात्रि का दिन मां कूष्मांडा को समर्पित है। इस दिन मां कूष्मांडा की पूजा विधि इस प्रकार है:

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल को साफ करें और कलश की पूजा करें।
  • मां कूष्मांडा की प्रतिमा या तस्वीर को स्थापित करें।
  • मां को अक्षत, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य, आदि अर्पित करें।
  • मां कूष्मांडा के मंत्र का जाप करें।
  • दुर्गा चालीसा और आरती का पाठ करें।
  • प्रसाद वितरित करें।

मां कूष्मांडा का मंत्र

ऊँ देवी कूष्मांडायै नमः

चौथा शारदीय नवरात्रि के दिन क्या करे

  • इस दिन मां कूष्मांडा की पूजा करने से धन, समृद्धि और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
  • इस दिन मां को पीले रंग की वस्तुएं अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
  • इस दिन हलवा, पूरी और फल का भोग लगाना चाहिए।

चौथा शारदीय नवरात्रि के दिन क्या न करें

  • इस दिन मां कूष्मांडा की पूजा में किसी भी प्रकार का मांस या मदिरा का भोग नहीं चढ़ाना चाहिए।
  • इस दिन किसी भी प्रकार का क्रोध या विवाद नहीं करना चाहिए।
  • इस दिन झूठ बोलना या किसी का दिल दुखाना चाहिए।

चौथा शारदीय नवरात्रि के दिन के कुछ उपाय

  • इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनें।
  • इस दिन मां कूष्मांडा के मंत्र का जाप करें।
  • इस दिन मां कूष्मांडा को पीले रंग के फूल और हलवा का भोग लगाएं।

इन उपायों को करने से मां कूष्मांडा की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में धन, समृद्धि और सुख-समृद्धि आती है।

चौथा शारदीय नवरात्रि की पूजा सामग्री

  • मां कूष्मांडा की प्रतिमा या तस्वीर
  • अक्षत
  • फूल
  • धूप
  • दीप
  • नैवेद्य
  • प्रसाद
  • कलश
  • माला
  • लाल चंदन
  • कुमकुम
  • इत्र
  • सिंदूर
  • रोली
  • चावल
  • घी
  • दूध
  • दही
  • शहद
  • शक्कर
  • मेवे

चौथा शारदीय नवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त (04:14 AM से 05:03 AM)
  • अभिजीत मुहूर्त (11:46 AM से 12:45 PM)
  • विजय मुहूर्त (02:14 PM से 03:03 PM)
  • गोधूलि मुहूर्त (05:50 PM से 06:39 PM)

चौथा शारदीय नवरात्रि की पूजा का विधि-विधान

  • सबसे पहले पूजा स्थल को साफ करके कलश की स्थापना करें।
  • फिर मां कूष्मांडा की प्रतिमा या तस्वीर को स्थापित करें।
  • अब मां को अक्षत, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य, आदि अर्पित करें।
  • इसके बाद मां कूष्मांडा के मंत्र का जाप करें।
  • अंत में दुर्गा चालीसा और आरती का पाठ करें।

चौथा शारदीय नवरात्रि की पूजा का महत्व

मां कूष्मांडा को नवरात्रि की चौथी दुर्गा माना जाता है। मां कूष्मांडा के दस हाथ हैं और उनके हाथों में विभिन्न प्रकार के अस्त्र-शस्त्र हैं। मां कूष्मांडा को सृष्टि की उत्पत्ति की देवी माना जाता है। मां कूष्मांडा की पूजा करने से धन, समृद्धि और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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